A quarantined heart❤️

आज कपड़े नहीं धुले,
मेरी नौकरानी बड़ी कामचोर है ,
अब तो cylinder भी खतम हो गया ,
Induction पर कब तक काम चलेगा ?

आज केवल आलू की सब्ज़ी ?
Fridge में क्या कुछ बचा नहीं?
दूध की चाई तो बना देती ,
यह green tea तो बेस्वाद है !

काम पर जाना नहीं,
फिर भी कितना काम है,
Homework की चिंता नहीं,
फिर भी परेशानी काम नहीं ।

इन चीज़ों पर हमने कितनी चर्चा कर डाली,
पर किसी बेरोज़गार को क्या एक वक्त की रोटी डाली ?
What’s app पर मज़ाक़ तो बना लिया ,
पर किसी बेबस को क्या थोड़ा भी प्यार दिया ?

कहते है charity begins at home,
अब इसको सच करना है ,
जिन लोगों को granted ले लिया ,
उनसे thank you कहना है ।

यही समय है,
यही मौक़ा है,
दूरी रखते हुए,
पास आने का।

अब भी क्या तुम सोच रहे हो ?
सोचने की बारी चली गयी..
आज कुछ ऐसा कर हो लो
कि हर चेहरे पर तुमसे मुस्कुराहट हो।

Don’t let this lockdown quarantine your heart, fill it with curiosity, openness, acceptance and love to help and bless each soul on earth.

Let there be love, let there be light

Happiness and sunshine 🌼

Nidhi

4 Comments Add yours

  1. TravelerInMe says:

    A lovely thought indeed Nidhi. I agree we must use this time to it bestest & fullest for ourselves.

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    1. And for others too 🙂 thank you so much

      Liked by 1 person

  2. Todd says:

    यह एंट्री मुझे बहुत पसंद है | आप बिल्कुल सही हैं |

    मुझे लगता है कि अब बहुत अजीब समय है | महामारी से बहुत परेशानी हुआ पर भी मैंने बहुत सरे दयालुता देख रहा हूँ | सुरक्षित रहो |

    Liked by 1 person

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